अखिल विश्व गायत्री परिवार के मुख्यालय शांतिकुंज, हरिद्वार के तत्वाधान मे संचालित डिवाइन इंडिया यूथ एसोसिएशन (दिया)द्वारा युवाओं में व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक जीवन-दृष्टि के निर्माण के उद्देश्य से समय-समय पर विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी क्रम में दिया दिल्ली द्वारा आयोजित पर्सनालिटी डेवलपमेंट कोर्स (पीडीसी) का सफलतापूर्वक संचालन 4-5 जुलाई 2026 को सम्पन्न हुआ। इसमें यूपीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
उदघाटन सत्र मे शांतिकुंज से पधारे प्रतिनिधि श्री आशीष कुमार सिंह ने युवाओं को मन को समझने, उसे नियंत्रित करने तथा स्वयं को जानने के व्यावहारिक सूत्र बताए। उन्होंने कहा कि मन को समझना ही संतुलित और सफल जीवन की आधारशिला है। यदि व्यक्ति अपने विचारों और भावनाओं पर नियंत्रण स्थापित कर ले, तो वह किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि सकारात्मक सोच और आत्मअनुशासन जीवन में निरंतर प्रगति के लिए आवश्यक हैं।
कार्यक्रम के दौरान योगाभ्यास एवं ध्यान सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को मानसिक स्थिरता, एकाग्रता, आत्मविश्वास और आंतरिक शांति विकसित करने की व्यावहारिक विधियाँ सिखाई गईं। ध्यान अभ्यास के माध्यम से युवाओं को नकारात्मक विचारों से उबरने तथा अपने लक्ष्य के प्रति अधिक केंद्रित रहने के उपाय बताए गए। प्रतिभागियों ने इस अनुभव को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।
समापन सत्र में निर्माण आईएएस के निदेशक श्री कमलदेव सर ने प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए अनुशासन, प्रभावी अभिव्यक्ति, सकारात्मक चिंतन और लक्ष्य के प्रति समर्पण को सफलता की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि दिया दिल्ली एवं अखिल विश्व गायत्री परिवार का यह प्रयास युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। योगाचार्य डॉ. सुधाकांत मिश्रा ने ध्यान के व्यावहारिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नियमित ध्यान मानसिक शांति, एकाग्रता और आत्मिक शक्ति के विकास का प्रभावी माध्यम है। दिया दिल्ली के मुख्य संयोजक श्री मनीष कुमार सिंह ने युवाओं को अनुशासन, सकारात्मक सोच, प्रभावी संवाद कौशल और निरंतर आत्मविकास को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया। वहीं यूपीएससी में चयनित एवं वर्तमान में इंडियन ट्रेड सर्विस में कार्यरत श्री संदीप कुमार राजौरिया ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, सफलता की रणनीति तथा असफलताओं से सीख लेकर पुन: आत्मविश्वास के साथ आगे बढऩे के व्यावहारिक सूत्र साझा किए।